Share Market, एक ऐसा market, जहाँ आप खूब सारा पैसा कमा भी सकते हैं, और पैसा गँवा भी सकते हैं. यह एक ऐसी industry हैं, जहाँ पर थोड़ा सा पैसा लगा कर आप profit कमा सकते हैं. कहते हैं की आप अपनी जिंदगी में 20% काम ही ऐसा करते हैं, जिस से आपको 80% result मिलता है. बाकि, 80% काम से आपको कोई profit नहीं होता है. बिल्कुल, इसी तरह शेयर मार्केट में भी है, केवल 20% पैसा लगा कर, आप 80% profit कमा सकते हैं. लेकिन, इसके लिये आपको जरूरत होती है, Patience की.

Patience, जिसको हिंदी भाषा में हम धैर्य कहते हैं. यह Share Market की industry में ही नहीं, बल्कि हर business के लिये जरूरी है. अगर, आप यह सोच रहे हैं की आप रातों रात अमीर बन जायें, तो यह possible नहीं हैं. इसके लिए आपको नुक्सान उठाना पड़ सकता है. आपको नुक्सान न उठाना पड़े, इसके लिए जरूरी है की आप patience के साथ share market की हर बारीकी के बारे में  जानें।

Hindi Pradesh पर आपको share market से जुडी लगभग हर चीज की जानकारी मिलेगी। आज हम यहाँ IPO के बारे में अच्छे से समझेंगे। चलिए, शुरू करते हैं,

कोई कंपनी IPO क्यों लाती है? | Why Does a Company Offer an IPO?

IPO क्या है, यह जानने से पहले यह समझना जरूरी है की कोई कंपनी IPO क्यों लाती है? मान लीजिये, आपने एक कंपनी शुरू की, जब आपने यह कंपनी शुरू की थी, तब इसमें investment आपने खुद ने अकेले ने किया, और छोटा-मोटा profit कमाया। अब आपको अपने business को बढ़ाना (grow) है. तो, इसके लिए आपको फिर से कुछ पैसा invest करना पड़ेगा। अब आपको पता है की आपको अपने business की जितनी growth चाहिए, उस हिसाब से आपके पास पैसे नहीं है. अब ऐसे में  आप या तो पैसा बैंक से loan पर लें सकते हैं या फिर किसी से funding ले सकते हैं. इन दो तरीकों के अलावा अब आपके पास एक तीसरा तरीका बचता है, वह है, Company को Stock exchange में register करवाना, इसके लिए कंपनी खुद का IPO लेकर आती है.

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कोई कंपनी IPO तभी लेकर आती है, जब उसको  लगता है की वह SEC regulations को follow करने के साथ-साथ Shareholders के लाभ की भी जिम्मेदारी ले सकती है, और उसका private valution लगभग 1 अरब डॉलर का होता है.

अगर, कोई कंपनी कर्ज में है, और उसके पास funds नहीं हैं की वह कर्ज चुका पाये। ऐसे में कंपनीधारक, कंपनी को public करने का फैसला लेते हैं. इसमें कंपनी के owner, कंपनी के कुछ shares को बेच (sell) देते हैं. ऐसे में कंपनी को investment मिल जाता है, और investors को कंपनी में शेयर।

कई बार ऐसा होता है की कंपनी अपना खुद का कोई product या service market में लाना चाहती है. तब इसके promotion के लिए वह अपना IPO लेकर आती है.

IPO क्या है? | What is IPO in Share Market in Hindi?

क्या आप शेयर मार्केट में आईपीओ का फुल फॉर्म (Full Form of IPO in Share Market) जानते हैं? IPO का पूरा नाम, “Initial Public Offering” है. इस process में एक private company, खुद को Public Company में बदलती है. कोई भी कंपनी public कंपनी में तब बदलती है, जब वह अपने stocks का कुछ हिस्सा investors को sell कर देती है. यह process छोटे और smart investors के लिए पैसा कमाने का एक अच्छा जरिया है.

IPO लाने से कंपनी की equity (investment) में बढ़ोत्तरी होती है, जिसकी मदद से वह अपने व्यापार को बढ़ा सकती हैं.

अगर, आपको शेयर मार्केट की अच्छी जानकारी है, तब IPO में invest करना एक अच्छा move हो सकता है. यह जरूरी नहीं की हर IPO एक अच्छा अवसर लेकर आये. जरूरी है की इसमें invest करने से पहले आप share market के basics जरूर पढ़ लें.

कोई भी private company, जो public होना चाहती है, वह एक investment bank को hire करती है. Investment Bank और company, IPO के लिए underwriting agreement के तहत, कंपनी की financial details पर काम करती है, और SEC में register करती है. SEC दी गयी information को verify करती है. अगर यह information सही होती है, तब वह कंपनी का IPO लेन की date को announce करती है.

IPO कितने प्रकार का होता है? | Types of IPO in Hindi 

आईपीओ दो प्रकार का होता है,

Fixed Price Offering IPO 

इसमें Company के owner, Investment Bank के साथ मिलकर,  IPO के price को पहले से ही fix कर देती है, और इसी कीमत पर buyers, IPO को subscribe कर सकते हैं.

Book Building Offering IPO 

इसमें शेयर के price में 20 percent का band होता है. For Example: 100 to 120. जो investors इस IPO को subscribe करना चाहते हैं, वे उसके लिए bid लगाते हैं.

Band के lower price को Floor price और upper price को cap price कहते हैं. यह एक तरीका है, जिसकी मदद से कोई कंपनी IPO का final price set करती है.

किसी भी IPO का चयन कैसे करें? | How to Choose an IPO?

किसी भी IPO में invest करने से पहले जरूरी है की आपको share market की basic terminology के बारे में जानकारी हो.

सबसे पहले यह देखें की मार्केट में कौन-कौन सी companies अपना IPO लेकर आयी हैं. उन कंपनियों का background check करें। वैसे तो कंपनी का कोई historical data नहीं होता है, क्योंकि वो अभी-अभी public हुई हैं. लेकिन, IPO को register करवाते समय वह SEBI (Securities And Exchange Board of India) को हर छोटी से छोटी बात की जानकारी देते हैं. Company, SEBI को एक RED HERRING PROSPECTUS, provide करती है. जिसमें कंपनी की business details, risk factor, capital structure, risk strategy, promoters and management और past financial डाटा होता है. आप उसको पढ़ सकते हैं. उसकी मदद से आप जान सकते हो की कंपनी के क्या future plans, कंपनी funds का कैसे use करती है इत्यादि। यह सभी जानकारी आपको SEBI की वेबसाइट पर मिल जाएगी।

Underwriting एक ऐसा process है, जिसमें नयी securities को issue करके, कंपनी के लिए investment को बढ़वाना होता है. कई छोटे बैंक भी underwriting का काम करते हैं, ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि, वे थोड़े से कमीशन के लिए किसी भी कंपनी को underwrite कर सकते हैं.

अगर, आप कई IPO कंपनी के chart को देखेंगे, तो आप पाएंगे की कुछ समय बाद, आपको उसमे एक गिरावट (fall down) नजर आता है. यह सब होता है lock-up period के expiration के कारण। जब कोई कंपनी public जाती है, तब underwriters company के employers से एक lock-up agreement पर sign करवाते हैं.

Lock-up period एक ऐसा period होता है, जिसमें कंपनी के insiders, कोई भी share को sell नहीं कर सकता है. वैसे यह period कम से कम 90 दिन का होता है. लेकिन, underwriters चाहे तो इस period को बढ़ा भी सकता है.

IPO में Invest कैसे करें? | How to invest in IPO?

जब कभी भी कोई कंपनी अपना IPO लेकर आती है. तब उस कंपनी का IPO, 3 से 10 दिनों के लिए ही खुला रहता है. इन 3 से 10 दिनों में ही कोई investor, किसी कंपनी का IPO खरीद सकता है. यह duration 3 दिन भी हो सकती है और उस से ज्यादा भी.

कंपनी की official website पर जाकर या registered ब्रोकरेज की मदद से आप IPO को subscribe कर सकते हो. यदि किसी IPO का price, fix है, तो आपको उसी fix price पर IPO के लिए apply करना होगा और अगर बुक बिल्डिंग ऑफरिंग है, तो आपको bid लगानी होगी।

Shareholders को IPO कैसे Allot होता है?

कंपनी की आईपीओ opening बंद हो जाने के बाद (3 से 10 दिन की अवधि के बाद) कंपनी, investors को IPO allot करती है. IPO के allot हो जाने के बाद कंपनी, stock exchange में list हो जाती है. लिस्ट होने के बाद, अन्य कंपनियों की तरह इसके भी शेयर ख़रीदे और बेचे जा सकते हैं.

आशा करती हूँ की इस आर्टिकल में आपको अच्छी जानकारी मिली होगी।

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